Uttarakhand State History Culture Geography and Facts
“उत्तराखंड राज्य का इतिहास, संस्कृति, भूगोल और तथ्य”

प्रस्तावना:- उत्तराखण्ड भारत का ही नहीं वरन विश्व मे भी अपनी शाख छोडता है। यह उत्तर प्रदेश के 13 जिलो को काटकर बनाया गया था। इसकी स्थापना १ नवम्बर 2000 को हुई (Uttarakhand State History Culture Geography and Facts)
1- उत्तराचल से उत्तराखण्ड– उत्तराखण्ड का पूर्व नाम उत्तराचल था, जो की 1 जनवरी 2007 मे बदल कर उत्तराखंड कर दिया गया।
2- उत्तराखण्ड का क्षेत्रफल:- उत्तराखण्ड का कुल क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किलो मीटर है।

3- उत्तराखण्ड राज्य का गठन:- उत्तराखण्ड की स्थापना के लिए जिलो की आवश्यकता हुई, केवल वो ही जिले लिये गये जो हिमालय को छूते थे। अतः १ नवम्बर 2000 को उतराचल के रूप मे 27 वाँ राज्य बन कर सामने आया । यदि हिमालयी राज्य में उत्तराचल की गिनती करे तो उस समय यह 11 वॉ वर्तमान में यह 10 वो राज्य था।
4.उत्तराखण्ड विधेयक:- जब उत्तराखण्ड बन रहा था तो उत्तरायल विधेयक तीन प्रकार से प्रस्तुत किया गया। लोकसभा मे व राज्य सभा में एव राष्ट्पति के पास ,उत्तराचल राज्य विधेयक 10 अगस्त २००० को पारित करा लिया गया था। राज्य सभा मे उत्तरा चल विधेयक 10 अगस्तर को पारित हुआ | राष्ट्रपति के हस्ताक्षर 28 अगस्त 2000 को तत्कालिक राज्यपाल के आर नारायण के द्वारा राज्य विधेयक पर हस्ताक्षर कर दिये गये।
5-सरकारी गजट:- उत्तराखण्ड राज्य के निर्माण के बाद सरकारी गजट 28 में स्थान प्राप्त हुआ है।
6- उत्तराखण्ड राज्य की राजधानी:- उत्तराखण्ड राज्य की दो राजधानी है। ऐसा 5 वॉ राज्य उत्तराखण्ड बना है। जिसमे शीतकालीन राजधानी देहरादून को बनाया गया है। दूसरी ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैण्ड (4 मार्च 2020) हैं |
7-राष्ट्रपति शासन;- उत्तराखण्ड में राष्ट्रपति शासन लगाया गया था, उस समय मुख्य मंत्री हरीश रावत जी थे। राज्य मे 46 दिन का राष्ट्पति शासन रहा था | अनु० 356 के तहत राज्य में 27 मार्च 2016 से 12 मई 2016 तक उत्तराखण्ड की बागडोर राष्ट्रपति के हाथो में चली गई थी।
8-उत्तराखण्ड का राज्य चिन्ह:- 9 नवम्बर 2000 को राज्य चिन्ह आत्मसात किया ।
राज्य चिन्ह की विशेषता:- उत्तराखण्ड राज्य चिन्ह में एक गोलाकार मुद्रा मे तीन पर्वत चोटिया है। की एक श्रृंखला है। तथा पर्वत चोटियो के नीचे गंगा की 4 लखा लहरों को इंगित किया गया है। तीन पर्वत की चोटियों की श्रृखला में चोटी बीच में है। वह दोनों चोटियो से ऊँची है। इसी चोटी के मध्य अशोक की लाट है। अशोक की लाट के नीचे सत्यमेव जयते लिखा है। इस प्रतीक चिन्ह मे उत्तराखण्ड राज्य सरकार का चिन्ह उपस्थित है। राज्य चिन्ह में ५ जल धाराये है जो उत्तराखण्ड की नदियों की दर्शाती है |
उत्तराखण्ड राज्य चिन्छ का आकार चतुष्कोणीय आकृति को है। इसमे नीला रंग राज्य में प्रवाहित होने वाली नदियो की शुद्धता का प्रतीक है।
9. उत्तराखण्ड का राज्य पुष्प:- राज्य पुष्प का नाम ब्रह्मकमल है। यह 4800 मीटर से 6000 मीटर की ऊंचाई पाया जाता है ऊचाई बढ़ने पर यह सफेद रंग में बदल जाता है। इसकी उचाई -70 सेंटी मीटर से -80 सेंटी मीटर तक होती हैं |ब्रह्मकमल का वैज्ञानिक नाम सोसुरिया अबवेलेटा है। इसकी उत्तराखण्ड में 24 प्रजाति पाई जाती है। सम्पूर्ण भारत में 61 प्रवाति तथा सम्पूर्ण विश्व में 210-पजाति पाई जाती है। इसका नामकरण स्वीडन के प्रसिद्ध वैज्ञानिक डी० सोसेरिया के नाम पर रखा गया है। इस पुष्प का कुल ऐसटेरसी है। स्थानीय भाषा में इसे कौल पदम कहते है। महाभारत के वन पर्व मे इसे सौगन्धित पुस्प कहा गया था।
ब्रहम कमल के अन्य नाम
- उत्तराखण्ड मे वहम कमल
- कश्मीर में गल गल
- नेपाल में टोपगोला
- हिमाचल में दूधाफल
Note भगवान शिव की पूजा मे चढ़ाने के बाद इसको प्रसाद के रूप मे
(10) उत्तराखण्ड राज्य का राज्य वृक्ष:- बुराश वनस्पतिक नाम रोडोडेज्ञान अरवेरियम है। इस पुष्प का खिलने का समय फरवरी से अप्रेल तक होता है।
(b) बुरारी का अंधा धुंध कटान के होने के कारण अधिनियम 1974 के तहत इसे सुरक्षित वृक्ष वन घोषित कर दिया गया।
(11) उत्तराखण्ड का राज्य पक्षी (State bird of Uttarakhand):- मोनाल Uttarakhand राज्य पक्षी है। इसका वैज्ञानिक नाम लोफोफोरस ईपीजेनस है। इसकी स्थिति 2500 m से 3000 m पर है। इसका नर मोनाल एक मादा (Female) पक्षी है व नर डफिया (male) है| यह कीड़े मकोडे, आलू खाता है। आलू इसका मनपसंद खाना है। इसकी पूंछ हरी ही होती है। डफियों के सिर पर कलगी होती है। यह घोसला नहीं बनाती बल्कि अची चट्टानो में ही रहती है।
मोनाल के अन्य नाम
- हिमाचल में नील गुरु
- उत्तर प्रदेश मे – दतियाँ
- नेपाल में डंगन
- भूटान में कुक
- सिक्किम मे चाय दोंग कहते हैं |
(12) उत्तराखण्ड का राज्य पशु (Stall Animal of Uttarakhand):- कस्तूरी मृग उत्तराखण्ड का राज्य पशु है। 4500 m -की ऊंचाई पर पाया जाता है। यह भूरे रंग का होता है। तथा इसकी पीठ पर काले व पीले रंग के छब्बे होते है। कस्तूरी की प्राप्ति के कारण इसका शिकार होने लगा हैं | इसी कारण 1972 मे UP सरकार के चमोली में केदारनाथ वन्य जीव अभयारण्य की स्थापना की गई थी | कस्तूरी मृग की आयु १० वर्ष होती है।
(13) उत्तराखण्ड की राजभाषा :- प्रथम भाषा हिन्दी (2007) दूसरी भाषा संस्कृत हैं |
(14) उत्तराकड की राजकीय तितली:- 7 नवम्बर 2016 को वेरत हिमालयन कामर को Uttarakhand की तितली पिकाक का दर्जा मिला है। इसका वैज्ञानिक नाम पैपिलियो बियानोर (Papillion bailor) है | तिमुर नामक वृक्ष पर अडे देती है इसका जीवन काल 25-30 दिन का मात्र होता हैं |
(15) उत्तराखण्ड का राजकीय नृत्य:- पौडव नृत्य राज्य का राजकीय नृत्य है। इस नृत्य का आयोजन माहा मेले में होता है, यह मेला केदार बाती क्षेत्र में किया जाताहै।
(16) उत्तराखण का राजकीय फल :- उत्तखण्ड राज्य का राष्ट्रीय फल काफल है इसका वैज्ञानिक नाम मेरी एक्स इलेता है
(17) उत्तराखण्ड राज्य की मिठाई:- राज्य की बाल मिठाई विश्व है। यह मिठाई अल्मोडा में बनाई जाती हैं |
18. उत्तराखण्ड का राजकीय खेल:- उत्तराखण्ड का राजकीय खेल फुटबाल हैं| फुटबाल राजकीय खेल घोषित किया गया हैं ।
(19 ) राजकीय गीत:- उत्तराखण्ड देव भूमि मातृ भूमि शत-शत नमन।
इसके गीतकार हेमन्त बिष्ट तथा स्वर नरेन्द्र सिंह नेगी और अनुराधा निराला जी हैं |
