Economic Planning in India NIOS Class 12 Notes | Chapter 2 Economics | Full Explanation in Hindi
भारत में आर्थिक नियोजन
प्रस्तावना:-
भारत को जब आजादी मिली तो उस समय भारत की आर्थिक स्थिति सही नहीं थी। भारत ने आजादी के बाद आर्थिक विकाश को तेज करने और गरीबी, बेरोजगारी तथा असमानता को कम करने के लिए आर्थिक नियोजन अर्थात Economic Planning को अपनाया। सन् 1947 मे देश की आर्थिक स्थिति बेहद ही कमजोर थी, इस कारण सरकार ने योजनाबद्ध विकाश को रास्ते को अपनाना था, जिससे विकाश सही हो एके Note – सन् 1950 में योजना आयोग को बनाया गया, और पंचवर्षीय योजनाए प्रारम्भ की गई।
अति लघु उत्तरीय प्रश्न
प्र०- आर्थिक नियोजन का क्या अर्थ है? उत्तर – आर्थिक नियोजन वह पक्रियो जिसमे किसी देश की सरकार उस देश में उपस्थित संसाधनो का प्रयोग करके आर्थिक विकाश की योजनाएं बनाती है।
प्र०-पंचवर्षीय योजना क्या है?
उत्तर -पाँच वर्षों की अवधि अवधि के लिए बनायी गई विकाश की जो योजनाए बनायी जाती है, उन्हें पंचवर्षीय योजना कहते है।
प्र०- हरित क्रांति क्या है ? उत्तर-वैज्ञानिक तकनीको की सहायता से कृषि कार्यों में उत्पादकता की बढ़ाने को हरित क्रांति कहते है।
प्र०-LPG नीति क्या है?
उत्तर – उदारीकरण, निजीकरण, व वैश्वीकरण की नीति
प्र०- मिश्रित अर्थव्यवस्था क्या है?
उत्तर -सरकारी और निजी क्षेत्र दोनो क्षेत्र साथ काम करे तो इसे मिश्रित अर्थव्यवस्था कहते है।
लघु-उत्तरीय प्रश्न
प्र०-1 आर्थिक नियोजन क्या है? उत्तर -आर्थिक नियोजन वह प्रक्रियाँ है, जिसमे किसी देश की सरकार संसाधनो का प्रयोग करके आर्थिक के लक्ष्यों को निधारित करती है।
प्रमुख उद्देश्य ① गरीबी हटाना ② रोजगार बढ़ाना
③ उद्योगों का विकाश ④ हार्ज को बढ़ावा देना ⑤ आरा को बढ़ाना ③ आत्म-निर्भरता प्राप्त करना
प्र०-भारत में नियोजन की आवश्यकता क्यो थी? उत्तर- हम जानते है कि भारत अंग्रेजो के गुलामी में जकड़ा था, जिससे समस्त अर्थव्यवस्था नष्ट हो चुकी थी।
④ भारत मे कोई भी भारी उद्योग नही था।
② जनता 70% कोष पर निर्भर 2 थी।
③ समस्त कृषि पिछड़ी हुई थी। यही कारण था, भारत में नियोजन की आवश्यकता का
प्र०-भारत में पंचवर्षीय योजनाए क्यो शुरू की गई थी ? उत्तर – भारत की आजादी के बाद भारत की अर्थव्यवस्था सीधी सीढी पर नहीं चल रही थी। सरकार ने भारत में पचवर्षीय योजनाओ को शुरु किया
*भारत मे 1951 मे पंचवर्षीय योजना शुरू की गई थी।
(ⅰ) प्रथम पंचवर्षीय योजना
(ⅰ) भारत में पंच वर्षीय योजना 1951 से 1956 तक चली थी, इस योजना में मनी जितने भी लक्ष्य निर्धारित किये वे सभी फलिभूत हुए
*कृषि का विकाश
*सिचाई , बिजली बाँध निर्माण
Note भाखड़ा नांगल बाँध इसी समय बना था
परिणाम – कृषि उत्पादन बढ़ा ,योजना सफल रही।
① द्वितीय पंचवर्षीय योजना:- द्वितीय पंचवर्षीय योजना सन् 1956-1961 तक चली।
इसका लक्ष्य – औद्योगिकरण व भारी उद्योगो का विकाश करना था, Note- इस योजना को महालनोबिस का मॉडल कहते हैं।
भिलाई इस्पात कारखारा इसी “समय बनाया गया था।
तृतीय पंचवर्षीय योजना -तृतीय पंचवर्षीय योजना की शुरुवात भारत सरकार ने 1961 से 1966 के समय तृतीय पंचवर्षीय योजना प्रारम्भ की थी. । इस योजना में भारत ने दो देशो के साथ युद्ध लड़ा।
चतुर्थ पंचवर्षीय योजना :-चौथी पंचवर्षीय योजना का समय 1969 से 1974 का था। इस योजना का मुख्य उद्देश्य आर्षिक विकाश के साथ-साथ स्थिरता और आत्मनिर्भरता प्राप्त करना था।
इसके मुख्य उद्देश्य -① आर्थिक विकाश ② मूल्य स्थिरता आत्म निर्भरता गरीवी कम करना कृषि और उद्योग का 3 विकाश इसका उद्देश्य था।
पाँचवी पंचवर्षीय योजना:-पंच वर्षीय योजना का समय 1974 से 1979 का था। इस समय प्रधान मंत्री इंदिरा गांधी थी।
मुख्य उद्देश्य:
① गरीबी हटाना ② आत्मनिर्भर माना ③ रोजगार में वृद्धि करना ④ आर्थिक विकाश करना था।
Note-यह योजना समय से पहले समाप्त हो गई थी, क्योकि उस समय जनता पार्टी सत्ता में आयी थी। इसका कारण राजनैतिक बदलाव था।